
Ganesh Chaturthi : गणेश चतुर्थी का त्योहार भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक उल्लास का भी पर्व है। इस बार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 26 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 54 मिनट पर होगा। इसका समापन 27 अगस्त की दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर हो रहा है। उदया तिथि के मुताबिक गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा।
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना के लिए 27 अगस्त को सुबह 11 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 40 मिनट तक का शुभ मुहूर्त रहेगा। आप इस अवधि में गणपति जी की मूर्ति की स्थापना कर सकते हैं। इस बार गणेश चतुर्थी पर प्रीति, सर्वार्थ सिद्धि, रवि के साथ इंद्र-ब्रह्म योग का संयोग बना रहेगा। वहीं कर्क में बुध और शुक्र के होने से लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होगा। इसके अलावा गणेश चतुर्थी पर बुधवार का महासंयोग तिथि की महत्ता को गई गुना बढ़ा रहा है।
🌿 पारंपरिक और आधुनिक दृष्टिकोण का समन्वय
Ganesh Chaturthi न सिर्फ एक धार्मिक त्योहार है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। इस वर्ष, हम पारंपरिक मान्यताओं और आधुनिक विज्ञान के बीच सन्तुलन बनाने की कोशिश करेंगे।

🪔 Ganesh Chaturthi पर पूजा विधि : Step-by-Step Guide
- प्रातः क्रिया: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें
- वस्त्र: स्वच्छ सूती वस्त्र धारण करें
- आसन: लाल कपड़ा बिछाकर गणेश प्रतिमा स्थापित करें
- संकल्प: “मैं गणेश चतुर्थी व्रत का संकल्प लेता/लेती हूँ”
- षोडशोपचार पूजा: 16 विधियों से पूजन (ध्यान, आवाहन, आसन आदि)
- मंत्र जप: “ॐ गं गणपतये नमः” 108 बार
- आरती: “सुखकर्ता दुखहर्ता” आरती
- प्रसाद वितरण: मोदक, लड्डू का वितरण
Ganesh Chaturthi से जुड़े रोचक तथ्य
- गणेशजी का एक दंत होने की कहानी उनकी बुद्धिमत्ता से जुड़ी है। उन्होंने महाभारत लिखने के लिए अपना एक दंत तोड़कर महर्षि वेदव्यास को दे दिया था।
- लड्डू का भोग लगाने का वैज्ञानिक कारण यह है कि लड्डू में घी, चीनी और सूखे मेवे होते हैं, जो ऊर्जा का अच्छा स्रोत हैं और पूजा के लंबे समय तक चलने पर शरीर को ताकत देते हैं।
- मोदक उनका प्रिय भोग है क्योंकि यह ‘मोद’ (आनंद) देता है।

🌿Ganesh Chaturthi – Eco-Friendly Celebrations
- मूर्ति चयन:
- POP की जगह मिट्टी/गौ-मूत्र की मूर्ति
- Seed Ganesha (विसर्जन के बाद उगने वाली)
- सजावट:
- केमिकल रंगों की जगह प्राकृतिक रंग
- प्लास्टिक डेकोरेशन की जगह पेपर/क्ले आइटम्स
- विसर्जन:
- घर पर ही टब/बड़े बर्तन में विसर्जन
- Symbolic visarjan (कलश में जल डालकर)
- प्रसाद:
- ऑर्गेनिक सामग्री का use
- बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग
🔬 वैज्ञानिक दृष्टिकोण
- मोदक का भोग: चावल का आटा + गुड़ = sustained energy release
- दूर्वा घास: 21 अंकुर = digestive system का प्रतीक
- लाल रंग: psychological effect – enthusiasm बढ़ाता है
- चंद्रदर्शन: UV rays से eye protection का ancient warning
❌ चंद्रदर्शन: मिथक और तथ्य
- पारंपरिक मान्यता: Ganesh Chaturthi पर चंद्रदर्शन से मिथ्या दोष लगता है
- वैज्ञानिक तथ्य: NASA के अनुसार चंद्र किरणों में हानिकारक radiation नहीं
- सुझाव: Ganesh Chaturthi पर यदि चंद्रदर्शन हो जाए तो भगवान शिव की आराधना करें

📜 25+ Important FAQs:
- गणेश चतुर्थी 2025 किस दिन है?
- 27 अगस्त 2025, मंगलवार
- Ganesh Chaturthi पूजा का सबसे शुभ समय क्या है?
- 27 अगस्त को सुबह 11 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 40 मिनट तक का शुभ मुहूर्त रहेगा
- गणेशजी को कौन-सा भोग सबसे प्रिय है?
- मोदक और लड्डू (वैज्ञानिक कारण: sustained energy release)
- Eco-friendly Ganpati कहाँ से खरीदें?
- Local artisans, online platforms like Amazon/Flipkart (eco-friendly section)
- घर पर विसर्जन कैसे करें?
- बड़े टब में पानी भरकर, विसर्जन के बाद पानी पौधों में डालें
- Ganesh Chaturthi पर चंद्रदर्शन हो जाए तो क्या करें?
- भगवान शिव की पूजा करें और दान दें
- गणेशजी के कितने नाम हैं?
- 108 नाम, जैसे- एकदंत, विघ्नहर्ता, लम्बोदर
- क्या तुलसी गणेशजी को चढ़ाई जा सकती है?
- पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार नहीं
- गणेश चतुर्थी व्रत कैसे करें?
- सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास, फलाहार, और पूजन
- मूर्ति स्थापना में कौन-सी धातु शुभ है?
- तांबे के कलश में जल भरकर स्थापना करें
- गणेशजी का वाहन क्या है?
- मूषक (चूहा), जो बुद्धिमत्ता का प्रतीक है
- गणेश चतुर्थी कितने दिन मनाई जाती है?
- 1 दिन से 10 दिनों तक (अनंत चतुर्दशी तक)
- पूजा सामग्री लिस्ट क्या है?
- लाल फूल, दूर्वा, मोदक, लड्डू, चंदन, रोली, मौली, अक्षत
- क्या गर्भवती महिलाएं पूजा कर सकती हैं?
- हाँ, बैठकर आराम से पूजा कर सकती हैं
- Office में छोटी पूजा कैसे करें?
- छोटी मूर्ति, electric diya, और ready-made prasad
- गणेशजी को दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं?
- दूर्वा longevity और good health का प्रतीक है
- Online puja booking available है?
- हाँ, many temples offer online puja services
- बच्चों के लिए activities क्या हैं?
- Clay Ganpati making, coloring, storytelling
- Global celebrations कहाँ-कहाँ होते हैं?
- USA, UK, Singapore, Mauritius में big celebrations
- Eco-friendly decorations ideas?
- Paper garlands, flower rangoli, clay diyas
- गणेश आरती कौन-सी गाएं?
- “ऊँ गजाननं भूतगणादिसेवितं” और “सुखकर्ता दुखहर्ता”
- मोदक recipe क्या है?
- Rice flour, jaggery, coconut stuffing

📊 Comparative Table: Traditional vs Modern Celebration
पारंपरिक तरीके | आधुनिक तरीके |
---|---|
POP मूर्ति | मिट्टी/eco-friendly मूर्ति |
नदी में विसर्जन | घर पर symbolic विसर्जन |
केमिकल रंग | प्राकृतिक रंग |
Plastic decoration | Paper/clay decoration |
Loud music | Spiritual bhajans |
Disclaimer:
“यह लेख सांस्कृतिक जानकारी और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी पूजा-विधि या उपाय के परिणाम व्यक्ति की श्रद्धा और परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं। किसी भी प्रकार की अंधविश्वासी या नुकसानदायक गतिविधि में संलिप्त न हों।”
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