
हरतालिका तीज : ये 5 काम न करें, वरना पछताना पड़ेगा। हर साल भादों मास में आने वाली हरतालिका तीज सुहागिन और अविवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत पावन व्रत माना जाता है। 26 अगस्त 2025 को यह पर्व भक्तों में विशेष उत्साह और भक्ति लेकर आएगा। इस दिन देवी पार्वती और भगवान शिव के मिलन की स्मृति में व्रत रखा जाता है। लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियाँ व्रत और पूजा के पुण्य को कम कर देती हैं।
अगर आप भी इस तीज पर ये गलतियाँ करेंगे, तो पछताना पड़ सकता है। इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि हरतालिका तीज : ये 5 काम न करें, वरना पछताना पड़ेगा, साथ ही सही विधि और पूजा का तरीका भी जानेंगे।

गलती 1: शुभ मुहूर्त की अनदेखी करना
हरतालिका तीज : ये 5 काम न करें, वरना पछताना पड़ेगा! हरतालिका तीज पर शुभ मुहूर्त का पालन करना बेहद जरूरी है। कई महिलाएं या तो मुहूर्त के बारे में जानकारी नहीं लेतीं या समय का पालन नहीं करतीं।
- समस्या: पूजा और व्रत का शुभ मुहूर्त मिस करने से व्रत अधूरा माना जाता है।
- सही तरीका:
- शुभ मुहूर्त: सुबह 05:48 बजे से 08:28 बजे तक
- इस समय माता-पिता या बुजुर्ग के साथ पूजा और व्रत कथा सुनें
- धार्मिक मान्यता: समय का पालन देवी पार्वती की कृपा पाने और व्रत के पूर्ण फल के लिए आवश्यक है।
टिप: यदि आप मोबाइल ऐप या पंचांग देखें, तो मुहूर्त का सही समय और स्थान का ध्यान रख सकते हैं।

गलती 2: व्रत कथा न सुनना
हरतालिका तीज की व्रत कथा सुनना बेहद महत्वपूर्ण है। यह न केवल धार्मिक भावना को बढ़ाती है बल्कि व्रत के पुण्य को भी सुनिश्चित करती है।
- समस्या: कथा न सुनने से व्रत का महत्व कम हो जाता है।
- सही तरीका:
- सुबह या शाम में माता-पिता, बुजुर्ग या किसी ज्ञानी से कथा सुनें
- कथा सुनते समय मन को एकाग्र रखें और भक्ति भाव बनाए रखें
- धार्मिक मान्यता: कथा सुनने से मन में भक्ति और श्रद्धा बढ़ती है, और व्रत का फल पूर्ण रूप से प्राप्त होता है।
नोट: अगर घर में बुजुर्ग नहीं हैं, तो ऑनलाइन वीडियो या ऑडियो कथा भी सुन सकते हैं।

गलती 3: झूले या सजावट में लापरवाही
हरतालिका तीज के दिन झूला सजाना और पूजा स्थल को सजा-धजा रखना परंपरा का हिस्सा है।
- समस्या: झूला न सजाना या गलत समय पर झूलना परंपरा का उल्लंघन है।
- सही तरीका:
- पेड़ों या पूजा स्थल पर सुंदर झूले सजाएं
- दिनभर भक्ति और श्रद्धा के साथ झूला झूलें
- धार्मिक मान्यता: झूला देवी पार्वती के प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक है।
टिप: झूला सजाते समय रंग-बिरंगे कपड़े और फूलों का प्रयोग करें। इससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

गलती 4: पारंपरिक व्यंजन न बनाना
हरतालिका तीज पर पारंपरिक व्यंजन बनाना बेहद जरूरी है। इनमें साबूदाना खिचड़ी, सिंगाड़ा-आलू चाट, पुआ आदि शामिल हैं।
- समस्या: पारंपरिक व्यंजन न बनाना व्रत का महत्व कम कर देता है।
- सही तरीका:
- व्रत के अनुकूल व्यंजन बनाएं और पूजा स्थल पर भोग के रूप में अर्पित करें
- धार्मिक मान्यता: पारंपरिक भोजन देवी-पाठकों की कृपा आकर्षित करता है और व्रत का पुण्य बढ़ाता है।
टिप: व्यंजन बनाने से पहले साफ-सफाई और सही सामग्री का ध्यान रखें।

गलती 5: व्रत में गलत आहार या निर्जला पालन न करना
हरतालिका तीज का सबसे महत्वपूर्ण नियम है निर्जला व्रत।
- समस्या: नमक, अनाज या तली-भुनी चीजें लेना व्रत को अधूरा कर देता है।
- सही तरीका:
- पूरी तरह से निर्जला व्रत रखें
- पारंपरिक भोजन के अलावा किसी भी चीज का सेवन न करें
- धार्मिक मान्यता: तपस्या और संयम से व्रत का महत्व बढ़ता है और देवी पार्वती की कृपा मिलती है।
टिप: व्रत से पहले हल्का फलाहार किया जा सकता है, लेकिन व्रत की शुद्धता बनाए रखें।

हरतालिका तीज : शुभ मुहूर्त और व्रत कथा
- तिथि: 26 अगस्त 2025
- पूजा मुहूर्त: सुबह 05:48–08:28 बजे
- व्रत कथा: देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।
- पूजा विधि:
- घर की साफ-सफाई करें
- पूजा स्थल सजाएँ और देवी-पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें
- घी का दीपक जलाएँ और पारंपरिक व्यंजन भोग के रूप में रखें
- झूले पर झूलें और कथा सुनें
- दिनभर संयम और भक्ति बनाए रखें

FAQs: हरतालिका तीज 2025
1. हरतालिका तीज 2025 कब है?
हरतालिका तीज 2025 26 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन देवी पार्वती और भगवान शिव के मिलन की स्मृति में व्रत रखा जाता है। मगर हरतालिका तीज पर ये 5 काम न करें।
2. शुभ मुहूर्त क्या है?
हरतालिका तीज का शुभ मुहूर्त सुबह 05:48 बजे से 08:28 बजे तक है। इस समय पूजा और कथा सुनना सबसे अधिक फलदायक माना जाता है। अगर मुहूर्त का पालन सही समय पर किया जाए तो व्रत का पुण्य बढ़ता है।
3. व्रत कथा कैसे सुनें?
व्रत कथा सुनना हरतालिका तीज का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आप इसे इस तरह कर सकते हैं:
- माता-पिता या बुजुर्गों से सुनें।
- अगर घर में बुजुर्ग नहीं हैं, तो ऑनलाइन वीडियो या ऑडियो कथा का सहारा लें।
- कथा सुनते समय ध्यान केंद्रित करें और मन को भक्ति भाव से भरें।
4. झूला कब और कैसे सजाएं?
झूला सजाना हरतालिका तीज की परंपरा है। इसे इस प्रकार करें:
- पेड़ों या पूजा स्थल पर झूला लगाएँ।
- झूले को फूल, रंग-बिरंगे कपड़े और सुंदर सजावट से सजाएँ।
- दिनभर भक्ति और श्रद्धा के साथ झूलें।
- यह देवी पार्वती के प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है।

5. पारंपरिक व्यंजन कौन-कौन से बनाएं?
हरतालिका तीज पर विशेष रूप से व्रत के अनुकूल व्यंजन बनाए जाते हैं। इनमें शामिल हैं:
- साबूदाना खिचड़ी
- सिंगाड़ा-आलू चाट
- पुआ और हलवा
- फलाहार जैसे केले, सेब या नारियल
ये व्यंजन पूजा में भोग के रूप में अर्पित किए जाते हैं और व्रत के पुण्य को बढ़ाते हैं।
6. क्या अविवाहित महिलाएं व्रत रख सकती हैं?
हाँ, अविवाहित महिलाएं भी हरतालिका तीज का व्रत रख सकती हैं।
- यह व्रत उन्हें योग्य जीवनसाथी प्राप्त करने में मदद करता है।
- कथा सुनना, झूला सजाना और पारंपरिक व्यंजन बनाना सभी अविवाहित महिलाओं के लिए भी जरूरी है।
7. व्रत में क्या न करें?
हरतालिका तीज के दिन कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:
- नमक, अनाज या तली-भुनी चीज़ें न लें (निर्जला व्रत पालन करें)।
- पूजा और कथा का समय न चूकें।
- झूला या पूजा स्थल की सजावट में लापरवाही न करें।
- व्रत के नियमों का उल्लंघन करने से पुण्य कम हो जाता है।
8. सोना-चांदी खरीदना शुभ है?
हरतालिका तीज पर सोना-चांदी खरीदना पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है।
- यह समृद्धि और परिवार की खुशहाली का प्रतीक है।
- ध्यान दें कि खरीदारी व्रत या पूजा के दौरान हल्के रूप में और सीमित मात्रा में ही हो।

9. पूजा में गलती होने पर क्या करें?
अगर पूजा में गलती हो जाए:
- तुरंत सुधार करें और श्रद्धा भाव से पूजा जारी रखें।
- कथा सुनें और व्रत नियमों का पालन करें।
- भगवान शिव और माता पार्वती से मन से प्रार्थना करें।
- याद रखें, भक्ति और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण हैं।
10. व्रत का पारण कब करें?
हरतालिका तीज का पारण संध्या या अगले दिन सुबह किया जाता है।
- निर्जला व्रत के बाद हल्का जल या फलाहार लें।
- पारण के समय पूजा स्थल पर भोग अर्पित करें और देवी-पार्वती का धन्यवाद करें।
- पारण करने से पहले कथा और व्रत नियमों का पालन पूर्ण होना चाहिए।