रक्षाबंधन 2025 : शुभ मुहूर्त, तिथि, पूजा विधि, परंपरा, और सावधानियाँ

रक्षाबंधन 2025 : शुभ मुहूर्त, तिथि, पूजा विधि, परंपरा, और सावधानियाँ

रक्षाबंधन 2025 कब है?

आइए जानते हैं, रक्षाबंधन 2025 : शुभ मुहूर्त, तिथि, पूजा विधि, परंपरा, और सावधानियाँ। रक्षाबंधन 2025 का पावन पर्व इस वर्ष शनिवार, 9 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर आता है और भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना करते हुए राखी बांधती हैं और भाई बहनों को जीवन भर रक्षा का वचन देते हैं।

रक्षाबंधन 2025 शुभ मुहूर्तसुबह 9:28 बजे से शाम 8:11 बजे तक
लाभ चौघड़िया मुहूर्तदोपहर 1:45 बजे से 4:30 बजे तक
पूर्णिमा प्रारंभसुबह 5:59 बजे (9 अगस्त)
पूर्णिमा समाप्तसुबह 7:22 बजे (10 अगस्त)

⚠️ महत्वपूर्ण: रक्षाबंधन पर राखी बांधने का सर्वोत्तम समय भद्रा काल समाप्त होने के बाद से लेकर रात 8:11 बजे तक है। अपराह्न (दोपहर 1:45 से 4:30) और प्रदोष काल (शाम 4:30 से 8:11) दोनों ही राखी बांधने के लिए शुभ माने जाते हैं। भद्रा काल में राखी बांधना वर्जित माना जाता है।


🙏 रक्षाबंधन पूजा विधि (Puja Vidhi)

  1. प्रातःकाल स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें।
  2. पूजा थाली में राखी, चावल, रोली, दीपक, फूल और मिठाई रखें।
  3. भाई को पूर्व दिशा की ओर बिठाएं।
  4. तिलक करें, अक्षत लगाएं, राखी बांधें और आरती करें।
  5. मिठाई खिलाकर भाई के सुखद जीवन की कामना करें।
  6. भाई बहन को उपहार दें और उसकी रक्षा का वचन दें।

🕉️ रक्षा सूत्र मंत्र:
“येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वां प्रति बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥”


📌 क्या न करें रक्षाबंधन पर? (Do’s & Don’ts)

  • भद्रा काल में राखी न बांधें।
  • राखी बांधते समय बिना तिलक किए न रहें।
  • झूठ या कटु वचन न बोलें।
  • बहनें इस दिन उपवास कर सकती हैं, परन्तु अत्यधिक कठोर व्रत से बचें।
  • भाइयों को बहनों की इच्छा अनुसार उन्हें उपहार देना चाहिए।

✨ रक्षाबंधन का महत्व और पौराणिक कथा

रक्षाबंधन का उल्लेख महाभारत में मिलता है। एक कथा के अनुसार, जब श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र से चोट लगी थी तब द्रौपदी ने अपने आँचल से कपड़ा फाड़कर उनके हाथ पर बांधा था, जिससे श्रीकृष्ण ने उन्हें जीवन भर रक्षा का वचन दिया।

एक अन्य कथा के अनुसार रानी कर्णावती ने मुगल सम्राट हुमायूं को राखी भेजकर अपने राज्य की रक्षा का आग्रह किया था। हुमायूं ने उनकी रक्षा की थी। इससे स्पष्ट होता है कि रक्षाबंधन केवल पारिवारिक पर्व ही नहीं, बल्कि रक्षा, विश्वास और कर्तव्य का भी प्रतीक है।


📖 रक्षाबंधन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • इस दिन भगवान विष्णु, गणेश और हनुमान जी की भी विशेष पूजा की जाती है।
  • कुछ स्थानों पर बहनें अपने भाई के आरोग्य और सफलता के लिए व्रत भी रखती हैं।
  • रक्षाबंधन का पर्व सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाला पर्व है, जिसमें जाति और धर्म की सीमाएं भी लांघी जाती हैं।
  • आजकल रक्षाबंधन केवल भाई-बहन तक सीमित नहीं, बल्कि मित्रों, गुरु-शिष्य, और सैनिकों तक भी मनाया जाता है। इसे सामाजिक बंधन और सुरक्षा का व्यापक प्रतीक माना जाता है।

🌎 विश्व स्तर पर: भारतीय प्रवासी रक्षाबंधन को विदेशों में भी समयानुसार शुभ मुहूर्त में मनाते हैं, जिससे यह पर्व वैश्विक पहचान पा चुका है।


❓ सामान्य प्रश्न (FAQs)

  1. रक्षाबंधन 2025 में राखी बांधने का सबसे शुभ समय क्या है?
    1. सुबह 9:28 बजे से शाम 8:11 बजे तक।
  2. क्या रक्षाबंधन पर उपवास आवश्यक है?
    1. नहीं, यह इच्छानुसार होता है।
  3. भाई दूर हो तो क्या करें?
    1. ऑनलाइन राखी भेजें और वीडियो कॉल से पर्व मनाएं।
  4. क्या रक्षाबंधन केवल भाइयों के लिए है?
    1. नहीं, अब यह बहनों की रक्षा के लिए भी मनाया जाता है।
  5. क्या विदेशों में भी रक्षाबंधन मनाया जाता है?
    1. हां, भारतीय परिवार विदेशों में भी स्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त देखकर रक्षाबंधन मनाते हैं।
  6. रक्षाबंधन का सबसे बड़ा संदेश क्या है?
    1. प्रेम, सुरक्षा और आपसी विश्वास का पर्व जो सामाजिक बंधन को भी मजबूत करता है।

📃 निष्कर्ष

रक्षाबंधन 2025 शुभ मुहूर्त में ही राखी बांधकर प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का यह पर्व मनाएं। यह पर्व भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो संबंधों को मजबूती देता है और परिवार को जोड़ता है। शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें और इस दिन को प्रेम, सम्मान और आशीर्वाद से भर दें। यह पर्व अब एक वैश्विक पर्व बन गया है, जो सभी के जीवन में भाईचारे और सौहार्द का संदेश देता है। इसलिए रक्षाबंधन 2025 : शुभ मुहूर्त, तिथि, पूजा विधि, परंपरा, और सावधानियाँ बरतें।

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