
🌿 हरियाली तीज क्यों है विशेष?
सावन की रिमझिम बारिश, चारों ओर फैली हरियाली और मन में शिव-पार्वती की कथा — यही है हरियाली तीज की आत्मा। यह पर्व नारी शक्ति, भक्ति और सौभाग्य का उत्सव है। भारतवर्ष की करोड़ों सुहागिन स्त्रियाँ इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगती हैं।

हरियाली तीज 2025 में विशेष है क्योंकि यह दिन रविवार, 27 जुलाई 2025 को आ रहा है, जो खुद सूर्य का दिन है — और सूर्य जीवन शक्ति और उजाले का प्रतीक है।

🔍 हरियाली तीज व्रत की पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने शिवजी को पति रूप में पाने के लिए 108 जन्म लिए और हर जन्म में तपस्या की। उनके कठिन तप को देखकर शिवजी ने श्रावण शुक्ल तृतीया के दिन उन्हें अपनी पत्नी रूप में स्वीकार किया।
इस दिन को प्रतीक रूप में हरियाली तीज के नाम से मनाया जाने लगा। यह व्रत नारी के समर्पण, प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक है।

🕊️ हरियाली तीज 2025: व्रत तिथि और शुभ मुहूर्त
- व्रत तिथि: रविवार, 27 जुलाई 2025
- तीज तृतीया तिथि प्रारंभ: 26 जुलाई को रात 10:45 बजे
- तीज तृतीया समाप्त: 27 जुलाई को रात 9:12 बजे
- पूजन का शुभ मुहूर्त: 27 जुलाई, सुबह 6:00 बजे से 8:30 बजे तक

🙏 पूजन की संपूर्ण विधि (16 चरण)
क्रम | विधि |
---|---|
1 | प्रातः स्नान कर स्वच्छ हरे वस्त्र धारण करें |
2 | निर्जला व्रत का संकल्प लें |
3 | पूजा स्थान पर चौकी बिछा कर शिव-पार्वती और गणेशजी की प्रतिमा रखें |
4 | गणेश पूजन से आरंभ करें |
5 | शिवजी का जल, दूध और पंचामृत से अभिषेक करें |
6 | बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प चढ़ाएँ |
7 | माता पार्वती को सोलह श्रृंगार समर्पित करें |
8 | दीपक और धूप जलाकर आरती करें |
9 | हरियाली तीज व्रत कथा पढ़ें या सुनें |
10 | पार्वती जी को झूला झुलाएं |
11 | मेंहदी लगाएँ और संगीत/गीत गाएँ |
12 | सास को सिन्दारा (वस्त्र व श्रृंगार) दें |
13 | पति का ध्यान कर लंबी उम्र की कामना करें |
14 | शिव-पार्वती की पुनः आरती करें |
15 | चंद्रमा को अर्घ्य दें |
16 | अगले दिन व्रत का पारण करें |

🌱 व्रत की भावना और मनःस्थिति
यह व्रत केवल निर्जल रहना नहीं है, बल्कि अपनी इच्छाओं पर संयम और प्रेम में विश्वास को दर्शाने का प्रतीक है।
“ना दिखावे की पूजा, ना बाहरी आडंबर — सिर्फ श्रद्धा, प्रेम और समर्पण ही है तीज का मर्म।”

🔮 हरियाली तीज और राशियों पर प्रभाव
इस बार की हरियाली तीज पर गुरु और चंद्र के शुभ योग बन रहे हैं। निम्नलिखित राशियों को विशेष लाभ होगा:
♉ वृषभ:
- दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी
- घर में शुभ कार्यों के योग बनेंगे
♋ कर्क:
- मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ेगा
- पारिवारिक संबंधों में सुधार
♍ कन्या:
- विवाह योग्य कन्याओं के लिए शुभ संकेत
- स्वास्थ्य लाभ
♐ धनु:
- वैवाहिक सुख में वृद्धि
- आध्यात्मिक प्रगति
♓ मीन:
- मां-पिता से सहयोग
- आर्थिक समृद्धि के संकेत

🌺 मेंहदी और श्रृंगार का आध्यात्मिक रहस्य
मेंहदी सिर्फ सजने का माध्यम नहीं है, यह स्त्री की ऊर्जा को जागृत करती है। यह सौभाग्य का प्रतीक है। हर सुहागिन को इस दिन:
- हरे वस्त्र पहनने चाहिए
- हरी चूड़ियाँ और बिंदी लगानी चाहिए
- बालों में गजरा और माथे पर बोर ला देना चाहिए

🌟 सिंदारा परंपरा और उपहारों का महत्व
सिंदारा यानी वो उपहार जो ससुराल से मायके भेजे जाते हैं या मायके से ससुराल को। इसमें शामिल होते हैं:
- श्रृंगार सामग्री (चूड़ी, बिंदी, कंघी)
- मिठाइयाँ (घेवर, गुजिया)
- वस्त्र
- फल और सूखे मेवे
यह प्रेम और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।

🌟 झूला, गीत और लोककला
हरियाली तीज के दिन झूला झूलने और गीत गाने की परंपरा गाँव-शहर हर जगह जीवंत रहती है। कुछ प्रसिद्ध झूला गीत:
- “झूला बांधो रे अमराई में…”
- “सावन आयो रे, झूला पड़ गयो…”
ये गीत स्त्री की भावनाओं, विरह और प्रेम की गहराई को दर्शाते हैं।
⚡ विशेष मंत्र:
“ओम नम: शिवाय।”
“काट्यायानि द्वारायन्य च कारणां भक्तिमी क्लेशां च शांतिमम्।”

✅ निष्कर्ष
हरियाली तीज 2025 एक दिव्य अवसर है — एक ऐसा दिन जब स्त्री अपनी आत्मा की गहराइयों से प्रेम, समर्पण और भक्ति का स्वरूप धारण करती है।
यदि इस दिन व्रत, कथा और पूजन पूरे नियम से किया जाए तो माता पार्वती जैसी अटूट शक्ति और शिव जैसी कृपा प्राप्त होती है।

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